श्रॆणी पुरालेख: ब्लोग्स

जरा सोचिये !

२०१७ में भारत की आज़ादी को ७० साल हो गए और यही श्रेय इजराइल को २०१८ में मिला लेकिन इजराइल देश तो दुनिया की एक शक्तिशाली अर्थव्यवस्था बन गया और आज अपने तकनिकी ज्ञान और अनुसन्धान के द्वारा विश्व के देशो को अचम्भे में डाल चूका है, इसके आलावा यह एक सफल प्रजातंत्र भी है। भारत अभी भी गरीबी ,अन्याय, हिंसा , अत्याचार और भृष्टाचार, बलात्कार जैसी समस्याओं से जूझ रहा है। क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों है ? जब इजराइल के लोगो ने स्वतंत्रता पाई थी तो उन्हें परमेश्वर ने नैतिकता और चरित्र की शिक्षा दी थी जो बाइबिल नामक पुस्तक में दस हुकम के नाम से संकलित है। इजराइल ने इन दस हुकमो को माना और सफल हुए। जरा सोचिये नामक टीवी सीरियल के दस कार्यक्रम इन्ही दस हुकमो के बारे में है। इन्हे आप यू ट्युब पर किसी भी समय सबका रेडियो चैनल पर देख सकते है। देखना न भूलिए।
www.sabkaradio.com or www.aapkiaashaa.org

नव वर्ष की शुभकामनाओ के साथ !

उठ प्रकाशित हो तेरी रौशनी आ गयी है और यहोवा का तेज तेरे ऊपर उदय हुआ है। देख पृथ्वी पर तो अँधियारा और राज्य राज्य पर घोर अँधेरा छाया हुआ है, परन्तु तेरे ऊपर यहोवा का उदय होगा और उसका तेज तुझ पर प्रगट होगा। ” यशयाह ६० : १-२
प्रिय मसीह भाईयो और बहनो आप २०१९ में भारत के लिए उपवास , प्राथना और मध्यस्थता का वर्ष बनाइये और परमेश्वर को आराम मत करने दीजिये, जब तक हिंदुस्तान में बेदारी नहीं लाता ! नव वर्ष की शुभकामनाओ के साथ !
अमरजी -सबका रेडिओ और आपकी आशा के सौजन्य से

डेमोक्रेसी और परमेश्वर

क्या डेमोक्रेसी मनुष्य को चुनाव से पहले झूठे वायदो से मुर्ख बनाकर वोट लेने , चुनाव के जीतने के बाद प्रेस की फ्रीडम को ख़तम करने ,अबला ,अल्पसंख्यको और अनाथो को मारकर अपनी सत्ता को बढ़ाने का नाम है ? एशिया और मिडिल ईस्ट, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका में यह उदहारण प्रीतिदिन की न्यूज़ में देखने ,सुनने और पढने को मिलते है। देशो के लीडर्स जनता के टेक्स से इकठे पैसे का दुरपयोग करके अपने घर को भरते है और अमीरो की देखभाल करके गरीबो का हक़ मारते है। बहुत से देशो की गरीबी का कारण उनकी स्वार्थी राजनैतिक और धार्मिक विचारधारा है। सरकारे लोगो को लिए शिक्षा , सुऱक्षा ,स्वास्थ्य का प्रबंध करने और उन्हें
गरीबी से निकालें की बजाय सही डेमोक्रेसी की परिभाषा को अपने हितो के अनुसार बदल देती है।
पाश्चत्य देशो में जहाँ सही मायने में डेमोक्रेसी कामयाब है वहां बाइबिल की शिक्षा का मूलभूत अनुसरण किया जाता है। इजराइल के देश को मिस्त्र की गुलामी के बाद स्वतंत्र होने के बाद १० आज्ञाएं दी गयी थी और येशु मसीह के यह शिक्षा अपने पडोसी को वैसे ही प्रेम करो जैसे अपने आप को , आज भी इस्राल और पश्चिम के देशो की राजनैतिक विचारधारा के व्यवहार में लायी जाती है। बाइबिल यह भी कहती है कि न्याय सा राजा स्थिर होता है परन्तु अन्याय और अत्याचार को बढावा इन देशो में सरकारी मशीनरी के द्वारा किया जाता है। हमेशा अपने पापो का दोष दूसरे पर लगाने से बात नहीं बनती।
परमेश्वर ने २००० साल पहले अपने बेटे को भेजकर रोमन सरकार को और आडम्बर वाले धार्मिक अनुष्ठान का नाश कर दिया और सच्ची स्वतंत्रता के बारे में उपदेश दिया। अधिक जानकारी के लिए बाइबिल की प्रति को खरीदकर पढ़े। हमारे ऑनलाइन रेडियो को सुने या टीवी कार्यक्रमों देखे। आप हमारे टीवी कार्यक्रम मीडिया के अंतर्गत देख सकते है और रेडियो प्रोग्राम लिंक पर क्लिक करके सुन सकते है।