जीने की कला !

मनुष्य के तोर तरीके , शिक्षा प्रणाली और परम्पराये एक सीमित दायरे तक उसे किसी गंतव्य स्थान तक ले जा सकती है। मनुष्य के अंदर उसके रचियता परमेश्वर को जानने की एक विशेष अनुभूति होती है और जब वह उसके साथ सम्बन्ध स्थापित कर लेता है तो उसका सही मार्गदर्शन होना शुरू हो जाता है और वह जीवन में हर तरह की हानि और गलती से बच जाता है। वह उसे नए नए रहस्य बताकर अपने तोर तरीके सिखाता है और उसे सही जीवन की कला समझ आने लग जाती है। इसी विषय को लेकर २०१९ में हम एक नए सीरियल को बनाने जा रहे है जिसका नाम है , “जीने की कला “, इसके दो एपिसोड इस वकत यू ट्यूब पर उपलब्ध है और बाकी भी धीरे धीरे जोड़ दिए जायेंगे। इन्हे आप यू ट्युब पर किसी भी समय सबका रेडियो चैनल पर देख सकते है। देखना न भूलिए। www.aapkiaashaa.org or www.sabkaradio.com

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